सुबह की असीम शक्ति

सुबह की असीम शक्ति

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आप सुबह कितने बजे उठते हैं.

विषय थोडा अलग है लेकीन काम का है. आप अचंभित भी हो गये होंगे. लेकीन बात को समजीये.

हेल ​​एरोल्ड नामक एक विश्व प्रसिद्ध व्यक्तित्व है, वह एक बेहद सफल व्यवसायी थे, एक दुर्घटना के कारण शारीरिक विकलांगता को बड़ी दृढ़ता के साथ उन्होंने पार कर लिया. लेकिन 2008 की महामंदी में उन्हें भारी नुकसान हुआ,अरबपति हेल कर्ज में डूब गए.

किसी ने कहा कि “हेल, ​​आप सुबह जल्दी उठीये !” हेल इस ​​चमत्कारी सलाह से निराश हो गए, “बाकी सब कुछ अपने आप हो जाएगा.” बदल जायेगा!

क्या सुबह और सूर्योदय इतना जादुई हैं? इतनी ताकत है?

चलिये जानते है हेल के अनुभव…

सुबह इतनी जल्दी उठने के बाद क्या करें? हेल ​​ने इस प्रश्न के लिए एक कोडवर्ड प्रदान किया।

SAVERS

यहां छह जीवन बदलने वाली आदतें हैं. किसी ने एक बार ये आदते अपने जीवन मे उतार लिये तो उसका जीवन बदल जायेगा.

1) चुप्पीSilence

चुपचाप बैठें और अपने भीतर झांकें, यही ध्यान है!

अपने आंतरिक चेतना को छूना, यही ध्यान है!

मन के कंप्यूटर को प्रारूपित करके वायरस को हटाना, यही ध्यान है!

मन को प्रफुल्लित और तरोताजा बनाने के लिए ध्यान आवश्यक है!

ध्यान इस बात का बोध है कि किसी की ज़रूरतें कितनी कम हैं, और सभी चिंताएँ कितनी व्यर्थ हैं!

ध्यान अपने आप को विशाल, अद्भुत और आनंदित ब्रह्मांड से जोड़ने का कार्य करता है, और अपने मन और शरीर को प्रफुल्लीत करता है!

2) अभिकथन- Affirmations (सकारात्मक स्व-सूचना)

अभिकथन याने आत्म-चर्चा.

खुद को सूचित करना,

एक ऐसा लक्ष्य बनाएं जो आपने बहुत शक्तिशाली अंतर्ज्ञान पर निर्धारित किया है!

अगले पाँच वर्षों में, अगले एक वर्ष में, अगले एक महीने में, अगले दिन ओर आज, अपने मन को बार-बार संशोधित करने के लिए आत्म-सुझाव देना होगा!

सहज-विचार मन में गहराई से प्रवेश करते हैं, और नाटकीय रूप से सच होते हैं.

चूंकि अंतर्ज्ञान की शक्ति बहुत बड़ी है, इसलिए प्रत्येक विचार वहां निहित है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा, वास्तव में होता है. यदि किसी चीज को हजारों बार कहा जाता है, तो उसे अंदर की ओर प्रक्षेपित किया जाता है,

3) कल्पना – Visualize (मन में अच्छे विचारों को लाना)

विज़ुअलाइज़ेशन मन में कल्पना करना है, कि एक मजबूत इच्छा पूरी हो गई है, खुशी को व्यक्त करने के लिए, कि यह पूरी हो गई है, और इसे मन में सूक्ष्म रूप में डालना है!

कल्पना प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिया गया सबसे कीमती और सबसे प्रभावशाली उपहार है.

कल्पना का उचित उपयोग एक सामान्य व्यक्ति को एक सफल व्यक्ति में बदल देता है.

हर दिन हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं.

तैराकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता माइकल फेल्प्स कहते हैं. जब मैं सो जाना शुरू करता हूं, तो मैं अपने दिमाग में देखने की कोशिश करता हूं कि मैं क्या करना चाहता हूं.

ओलंपिक विजेता एथलीट लेन बिचले ने कहा, “पिछले चार वर्षों से, मैं केवल एक परिणाम देख रहा हूं, अर्थात, मैं अपने हाथ में एक पदक जीत चुका हु ओर उसके साथ खड़ा हूं, और यह मुझ पर शैंपेन की बारिश कर रहा है।”

माइक स्मिथ ने कहा, मैं उस सपने को आकर्षित करता हूं जो मैं कागज के टुकड़े पर लिखता हु, सपने के बारे में एक नोट बनाता हु , और इसे अलग-अलग तरीकों से मेरी आंखों के सामने रखता हु.

प्रसिद्ध उद्योगपति अजीम प्रेमजी को उनकी सफलता के रहस्य के बारे में पूछे जाने पर, उन्होने कहा की, “सफलता दो बार आती है, एक बार मन में और दूसरी बार वास्तविक दुनिया में!”

4) व्यायाम करेंExercise

शरीर से आलस को दूर करने के लिए, शरीर में ऊर्जा प्रवाहित रखने के लिए, मन को मजबूत और खुश रखने के लिए व्यायाम करना अति आवश्यक है!

मान लीजिए कि आपका शरीर आलसी हो गया तो मन भी आलसी हो जायेगा.

यदि व्यायाम, योग, प्राणायाम के माध्यम से ऊर्जा को मोड़ नहीं दिया जाता है, तो यह अतिरिक्त दुषित द्रव्य में बदल जाता है, और मनुष्य वासनाओं का दास बन जाता है.

बुरी आदतों का गुलाम बना व्यक्ति चेतना खो देता है, ऐसा व्यक्ति असहज महसूस करता है. वह किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता है, और इसलिए वह खुश नहीं हो सकता, मन में एक अनाम भय बनता है.

इन सभी बुराई श्रृंखला को तोड़ने का एकमात्र तरीका व्यायाम करना, तैरना, सूर्यनमस्कार करणा, पुलअप करना, ट्रेडमिल पर पसीना बहाना ओर प्राणायाम करना है. इससे शरीर में चेतना ओर उर्जा संचार होता है.

5) पढ़ना – Reading

किताबें पढ़ने वाले लोग एक जीवन में कई जीवन जीते हैं.

“आगे वाला ठोकर खाता है तो पिछले वाला बुद्धिमान बनता है.” इस वाक्य द्वारा दूसरों के अनुभव से बुद्धिमान बनने वाले लोग दुनिया पर राज करते हैं.

वारेन बफेट, बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग सभी हफ्ते में दो किताबें जरूर पढ़ते हैं. ओर पढने से मस्तिक तेजी से काम करणा शुरू करता है. नये नये विचार उसमे पैदा होते है. जीवन को देखणे का नजरिया बदल जाता है.

6) लेखन – Writing (लिखना)

लेखन आपको एक नए व्यक्ति से परिचित कराता है.

लेखन मन को खाली करता है, दुःख को दूर करता है, मन में नई ऊर्जा का संचार करता है. लेखन नए रास्ते खोलता है, नई प्रगति के द्वार खोलता है. संतो ने कहा है, हर दिन कुछ ना कुछ लिखना चाहिए. लेखन भी आत्म-संचार का एक प्रभावी साधन है. लेखन विचारों को मजबूत करता है. सुबह जल्दी उठो और लिखो कि मैं आज पूरे दिन क्या करने जा रहा हूं, अगर कोई समस्या है, तो इसे भी लिखा जाना चाहिए और उसका  समाधान नीचे लिखा जाना चाहिए. सपनों के आकाश में मन को स्वतंत्र रूप से भेजकर सपनों को कागज पर खींचा जाना चाहिए. उन सपनों को पूरा करने के लिए मैं क्या करने जा रहा हूं, आपको प्लानिंग भी लिखनी है, हर दिन अपने आप को कार्य सौंपें, और जब वो कार्य पुरा हो जाए, तो अपने आप को विजयी घोषित करें. लेखन से आपका मन मुक्त होता है, चिंताओं का बोझ हल्का होता है. किसी करीबी व्यक्ति को पत्र लिखें, कभी-कभी प्रेरक कहानियां लिखें. इस तरह से अंतर्ज्ञान खुलता है, ऊर्जा का स्रोत जोर से बहता है.

इन छह आदतों में से प्रत्येक जीवन-परिवर्तन है. उपरोक्त छह आदतों में से कितनी आदतें आपने खुद में समाई हुई हैं?

अब हम में से प्रत्येक के पास बहुत अधिक खाली समय है .क्या हमें उस समय को नकारात्मक चीजे को पढ़ने और इसके बारे में सोचने में बर्बाद करना चाहिए. नही? तो हमें सब कुछ लागू करने का प्रयास करने का निर्णय करना होगा.

कुछ भी करने की आदत होने में कम से कम 21 दिन का अभ्यास होता है .और आपके पास शायद अब 21 दिन से अधिक का समय होगा. तो आइए इस समय का अच्छा उपयोग करें और भविष्य के जीवन के लिए एक मजबूत दिमाग और मजबूत शरीर का निर्माण करें. ऐसा समय और अवसर दोबारा नहीं आएगा.खुद पर काम करने का समय है. खुद के लिए जीना है. स्थिति का फायदा उठाने के लिए.

चिंता मत करो, अपने आपको समय दो. सारे रास्ते आपके लिये खूल जायेंगे.

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